
फिर कोई पत्ता पेड़ से झड़ गया यारों, कौनसा फर्क किसी को पड़ गया यारों। नौकरानी को तनख्वाह कम क्या मिली, "अंकल सैम"हम से उखड़ गया यारों। इस बाजू पाकिस्तान क्या कम था? जो आज चीन उस बाजू से चढ़ गया यारों। वो अनाज जो किसान ने ही उगाया था, वो उसी की आस में भूखों मर गया यारों। जो भीतर रखा उसे सियासी चूहे खा गए, जो बाहर था वो …
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